घ से शुरु होने वाले मुहावरे GH se shuru hone vaale muhavare की लिस्ट हम यहां पर दे रहे हैं। यदि आपको कोई घ से शुरू होने वाले मुहावरे के बारे मे जानकारी चाहिए तो नीचे देखें।
- घमंड निकालना – अभिमान दूर करना । वाक्य – आपका सारा घमंड निकाल दूगा आप क्या समझते है ।
- घमंड आना – घमंड करना । वाक्य – क्यो मेरे सामने घमंड पर आ रहे हो तुम्हारे पुरखो तक को जानता हूं ।
- घमक्का खाना – हानि उठाना । वाक्य – उस दिन तो तुमने ऐसा घमक्का खाया की बेहोश हो गए ।
- घमसान करना – लडाई झगडा मचा देना । वाक्य – यार तुम लोग तो बडे विचित्र हो छोटी सी बात पर घमसान कर देते हो ।
- घर आबाद करना – विवाह कर लेना । वाक्य – आपने इस वर्ष घर आबाद कर लिया यह बडा अच्छा हुआ ।
- घर उजडना – परिवार का नाश हो जाना । वाक्य – अपना घर तो उजड गया अब किसकी मोह माया है ।

- घर करना – जड करना । वाक्य – यह बात उसके दिल मे घर कर गई है ।
- घर का – आप का । वाक्य – यह घर का झगडा है इसमे दूसरो के बोलने की क्या जरुरत है ।
- घर का अच्छा – मालदार । वाक्य – अरे उसका क्या पूछना है वह तो घर का अच्छा है ।
- घर का आंगन हो जाना – घर खडहर हो जाना । वाक्य – कितने प्राचीन घर आज आंगन हो गए है ।
- घर का उजाला – परिवार की इज्जत बढाने वाला । वाक्य – वह तो वास्तव मे अपने घर का उजाला है।
- घर का काट खाने दौडना - किसी के बिना घर का सूना लगना । वाक्य – वह चली गई तभी से घर काट खाने दौडता है ।
- घर का न घाट का – बेकार । वाक्य – वह वहां से हटा दिया गया अब तो न घर का है न घाट का ।
- घर का नाम उछालना – परिवार का यश फैलाना । वाक्य – अगर अच्छी तरह से रहा तो घर का नाम अवश्य उछालेगा ।
- घर का नाम डुबोना – घर की बदनामी करना । वाक्य – आपने यह काम करके घर का नाम डुबो दिया ।
- घर का बोझ उठाना – घर का सब काम काज करना । वाक्य – मेरे लडके ने दो वर्ष से घर का पूरा बोझा उठा लिया है ।
- घर का भेदिया – अपनी गुप्त बातो को जानने वाला । वाक्य – घर का भेदिये से होशियार रहना चाहिए । घर का भेदिय लका दाह ।
- घर का भोला – बहुत सीध साधा । वाक्य – आप तो घर के भोले हैं आपको इन लडाई झगडो की बातो से क्या मतलब ।
- घर का रास्ता नामपना – अपने काम से काम रखना । वाक्य – आप घर का रास्ता नापिये आपको इन बातो मे क्या मतलब ।
- घर का रास्ता समझना – बहुत आसान काम समझना । वाक्य – मैं तो इसे घर का रास्ता समझता हूं आप चाहे जो समझे ।
- घर का शेर – अपने घर पर बहादुर बनने वाला पर असल मे कायर और डरपोक । वाक्य – अरे मैं आपको खूब जानता हूं आप केवल घर के ही शेरहै ।
- घर की तरह बैठना – आराम से बैठना । वाक्य – घर की तरह बैठिये थोडी देर मे आते ही होगे ।
- घर की बात – आपस की बात । वाक्य – यह हमारे घर की बात है इसमे आपके बोलने की आवश्यकता नही है ।
- घर की पूंजी – पास का रूपया । वाक्य – घर की पूंजी है हानि भी होगी तो कोई बात नही ।
- घर की मुर्गी – अपनी वस्तु । वाक्य – घर की मुर्गी दाल बराबर ।
- घर के घर बंद होना – परिवार के परिवार का सफाया हो जाना । वाक्य – इस वर्ष मेरे गांव मे ऐसा प्लेग आया कि घर के घर बंद हो गये ।
- घर के घर रहना – न कुछ हानि न लाभ होना । वाक्य – साल भर परीशानी तो हुई परन्तु खैरियत यही रही कि घर के घर रह गए ।
- घर को सिर पर उठाना – परिवार के सब आदमियों को परेशान कर देना । वाक्य – मेरा छोटा लडका ऐसा शरारती है कि सारे घर को सिर पर उठा रक्खे है ।
- घर खाली छोड देना – गोटी के खेल मे आगे के लिए जगह छोडना । वाक्य – उसमे लिए तुमने कोई घर खाली छोडा ही नही ।
- घर खोना – घर की सारी सपत्ति नष्ट कर देना । वाक्य – पहले तो घर खोते गए और आज रो रहे हो ।
- घर – घर के हो जाना – मारे मारे फिरना । वाक्य – युद्ध के जमाने मे बहुत से लोग घर घर के हो गए ।
- घर घर होना – हर जगह पर होना । वाक्य – बाप बेटे और सास पतोहू की लडाई तो घर घर है ।
- घर घाट एक करना – बहुत शोरगुल करना । वाक्य – उसने आज घर घाट एक कर दिया पर उससे कुछ लाभ नही हुआ ।
- घर घाट का – तरह का । वाक्य – तुम तो दूसरे ही घर घाट के आदमी हो ।
- घर घाट देखना- घर की पूरी हालत देखना । वाक्य – पहले घर घाट देख कर शादी की बातचीत करो ।
- घर घाट मालूम होना – घर की पूरी हालात का पता होना । वाक्य – घर घाट मालूम ही है तो फिर पूछना क्या है ।
- घर घुसना – घर मे ही रहने वाला । वाक्य – आप ऐसे घर घुसने हम लोगो के सामने क्या बात करें ।
- घर चढ कर लडने आना – झगडा करने को किसी के घर जाना । वाक्य – घर चढ कर लडने आए है और पास मे एक लाठी भी नही है ।
- घर चलना – जीवन निर्वाह करना । वाक्य – किसी तरह घर चल रहा है, यही बहुत है ।
- घर जाना – घर का विनाश होना । वाक्य – इन नालायको के कारण हमारा घर चला गया ।
- घर डूबना – घर नष्ट होना । वाक्य – आपकी लापरवाही से हमारा घर डूब गया ।
- घर डुबोना – परिवार की बेइज्ज्ती करना । वाक्य – आपने ही अपना घर डुबो दिया ।
- घर तक पहुंचना – घर के आदमियो तक से शिकायत करना । वाक्य – अब कर भी क्या सकते है बहुत करेगे तो घर तक पहुंचा देगे ।
- घर तक पहुंचाना – खतम करना । वाक्य – मनुष्य को चाहिय कि जिस काम को शुरु करे उसे घर तक पहुंचाये ।
- घर फूंक कर तमाशा देखना – अपना घर बरबाद करके खुशी मनाना । वाक्य – हम तो यह समझते है कि ऐसे घर फूंक कर तमाशा देखने वाले समाज मे बहुत कम व्यक्ति मिलते है ।
- घर फोडना – परिवार मे लडाई झगडा पैदा करना । वाक्य – मेरा घर फोड कर आपको क्या मजा मिला ।
- घर बंद होना – घर भर का मर जाना । वाक्य – इस वर्ष कोरोना की बीमारी से मेरे गाव मे बहुत से घर बंद हो गये ।
- ग से शुरु होने वाले मुहावरे list -1
- ख से शुरु होने वाले मुहावरे list -1
- आ से शुरु होने वाले मुहावरे list -1
- क से शुरु होने वाले मुहावरे list -1
- औ से शुरु होन वाले मुहावरे
- घर बनना – धनी होना । वाक्य – थोडे ही दिन बाहर रहने से उसका घर बन गया ।
- घर बरबाद होना – परिवार नष्ट होना । वाक्य – आपकी वजह से मेरा घर बरबाद हो गया ।
- घर बार की होना – घर की माकिन होना । वाक्य – आजकल तो वह घर बार की हो गई है ।
- घर बिगाडना – घर मे फूट पैदा करना । वाक्य – आपने ही मेरे लडके को बहका कर मेरा घर बिगाड दिया है ।
- घर बैठना – काम पर जाना । वाक्य – अगर अच्छी तरह से काम नही करना है तो घर बैठो ।
- घर बैठे – बिना मेहनत के । वाक्य – घर बैठे इतना मिल रहा है यह कहां का काम है ।
- घर बैठें की नोकरी होना – बिना मेहनत किये रुपये मिलना । वाक्य – घर बेठे की नौकरी है उसे कभी न छोडना ।
घ से शुरु होने वाले मुहावरे के अंदर आपने उपर उपर कुछ इन मुहावरो को पढा है —
घमंड निकालना – अभिमान दूर करना ।
घमंड आना – घमंड करना ।
घमक्का खाना – हानि उठाना ।
घमसान करना – लडाई झगडा मचा देना ।
और इसी तरह से आपने पूरी इस लिस्ट में काफी नए मुहावरो को पढा है जो की घ अक्षर से शुरू होता है । तो दोस्तो आपको बता दे की इस लिस्ट में आपने जिस मुहावरे को पढा है वह असल जीवन में काफी प्रयोग में लाए जाते है । अगर आपको पता है तो आज भी बहुत से ऐसे लोग है जो की मुहावरो का प्रयोग कर कर बात करते है । तो इसका मतलब है की मुहावरो का प्रयोग हो रहा है और इसी तरह के मुहावरे कुछ हमने आपको इस लिस्ट में दिए है जो की आप भी याद करे और लोगो के बिच में प्रयोग करे और अपने अध्ययन में सुधार करे ।